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छत्तीसगढ़: अमृतधारा जलप्रपात में सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त, खतरें में पर्यटकों की जान


छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अमृतधारा जलप्रपात में कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। पूर्व में हुए कई हादसों के बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे यहां आने वाले पर्यटकों की जान हमेशा जोखिम में रहती है। युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हाफिज मेमन ने कहा कि अमृतधारा एक बड़ा पर्यटन केंद्र है। उन्होंने बताया कि यहां की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। प्रशासन गहरी नींद में है, जबकि कई लोग पहले ही अपनी जान गंवा चुके हैं।

पुलिस सहायता केंद्र पर ताले

पर्यटकों की सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था के लिए अमृतधारा में एक पुलिस सहायता केंद्र बनाया गया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के अनुसार, इस सहायता केंद्र में अक्सर ताला लगा रहता है। सुरक्षाकर्मियों की अनुपस्थिति के कारण किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यह स्थिति पर्यटकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

सुरक्षा घेराबंदी का अभाव

जलप्रपात के सबसे खतरनाक और ढलान वाले हिस्सों के पास कोई सुरक्षा घेराबंदी नहीं की गई है। सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। शासन द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किए जाने के बावजूद पर्यटक बेखौफ होकर गहरे पानी और चट्टानों के मुहाने तक पहुंच रहे हैं। हाफिज मेमन ने प्रशासन से तुरंत कड़ी सुरक्षा और स्थायी गार्ड तैनात करने की मांग की।

सेल्फी का बढ़ता खतरा

अमृतधारा में पहले भी कई पर्यटक अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद नए आने वाले पर्यटक सबक नहीं ले रहे हैं। मौत के मुहाने पर खड़े होकर फोटो खिंचवाने और खतरनाक एंगल से सेल्फी लेने का सिलसिला लगातार जारी है। यदि समय रहते पर्यटकों को इन खतरनाक स्थानों से दूर नहीं किया गया, तो कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है।



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